Saturday, February 20, 2010

Sunday Message - Where is your destiny? / तुम्हारा भाग्य कहाँ है?

तुम्हारा भाग्य कहाँ है?
क्या तुमने कभी मरते हुए व्यक्ति या कोमा में पड़े व्यक्ति की प्रार्थना करी है?
अगर तुम ऐसे किसी व्यक्ति के लिए प्रार्थना करो, तो तुम्हारे अन्दर उस व्यक्ति के बच जाने की तीव्र इच्छा होगी
मैं यह तुम्हें अपने अनुभवों से बता रही हूँ
मैंने व्यक्तिगत तौर पर सिर्फ पांच लोगों की प्रार्थना की है मैं उन लोगों के बारे में तुम्हें बताना चाहूंगी और पवित्र आत्मा से मांगूंगी कि वह तुम्हें हमारे स्वर्गीय पिता के हृदय को समझने की अनुमति दें |
 1 . जिस पहले व्यक्ति की प्रार्थना की वह कोमा में एक महीने से था, उसकी पत्नी विश्वास के साथ हम लोगों के पास आई, परमेश्वर ने अरुण से कहा कि तीन दिन में वह ठीक हो जायेगा | तीन दिन के बाद वह व्यक्ति आई सी यू से बाहर आ गया और वह मुश्किल से एक महीने में पूरी तरह ठीक हो गया |
2. उसी दिन जब हम इस व्यक्ति की प्रार्थना करने गए थे, उसके बगल के बिस्तर पर सात-आठ साल का लड़का भी पिछले एक हफ्ते से कोमा में पड़ा था | प्रार्थना ख़तम होने पर जैसे ही हम लोग लौटने वाले थे, परमेश्वर ने मुझसे उस बच्चे की भी प्रार्थना करने को कहा, इसलिए हम लोगों ने विश्वास के साथ उस बच्चे के लिए भी प्रार्थना कर दी, परमेश्वर ने उसके लिए भी तीन दिन का शब्द दिया |
क्या तुम यह जानना चाहोगे कि क्यों परमेश्वर ने हम लोगों से उस बच्चे की प्रार्थना करने को कहा, क्योंकि उसकी माँ ( एक अविश्वासी )हम लोगों को देख रही थी और इच्छा कर रही थी कि हम उसके बच्चे के लिए प्रार्थना कर दें
बोलो - परमेश्वर अच्छा है
उस प्रार्थना के फलस्वरूप वह बच्चा भी ठीक हो गया |
3. तीसरा व्यक्ति एक युवा था, हम उसकी प्रार्थना करने गए, उस परिवार में उसकी बहन ही ने नया जीवन पाया था और वह नहीं चाहती थी कि उसका भाई नरक में जाए | इसलिए हम वहां गए और उसके लिए प्रार्थना की | लेकिन हम लोगों ने पाया कि उसके माता पिता, दुआ ताबीज में लगे हुए  थे | उसी रात को उसका भाई  मर गया, और डाक्टर ने उसे वेंटिलेटर से नीचे उतार दिया, उसने तुरंत हम लोगों को प्रार्थना करने के लिए कहा, और जब हम लोग प्रार्थना कर रहें थे ड्यूटी  पर मौजूद डाक्टर राउंड पर  आया, जब उसने उसे छुआ तो पाया कि उसके शरीर में गर्मी थी, लेकिन वह उस शाम को मर गया |
4 . यह एक कैंसर का रोगी था जो हम लोगों की कलीसिया में लाया गया | उसे शांति का अनुभव  होने लगा, उसका शरीर भी पहले से अच्छा होने लगा, इसलिए उसके पूरे परिवार ने प्रभु पर अपना विश्वास जमा दिया | एक दिन उसने अपने पूरे शरीर में भयंकर जलन महसूस की | मैंने उससे फोन पर बात की, और उसने एक बार फिर से यीशु को स्वीकारा| मैंने अपने हृदय में शांति महसूस करी और उसको आराम महसूस हुआ, लेकिन कुछ समय के बाद मैंने सुना कि उसकी मृत्यु हो गई | उस मरीज का परिवार यीशु से नाराज हो गया और उसने यीशु  के लिए अपने द्वार बंद कर लिए.
5 . पांचवा व्यक्ति मेरा अपना भाई है, मेरी बहिन ने मुझे फ़ोन किया और उसके लिए प्रार्थना करने के लिए कहा, मेरा भाई सात दिनों से अस्पताल में था और उसका परिवार दुआ ताबीज़ में मदद खोज रहा था लेकिन यीशु  को याद नहीं कर रहा था | हम लोगों ने प्रार्थना करी परन्तु कुछ घंटो के बाद उनकी मृत्यु हो गई | मेरे भाई ने नया जीवन ग्रहण किया हुआ था |
मैं यहाँ आज आप लोगों को क्या बताने  की कोशिश कर रही हूँ?
इन कहानिओं से यह पता चल रहा है कि कहीं पर विश्वास ने और कहीं पर अविश्वास ने काम किया 
भजन संहिता 6 :5 में दाउद  कहता है, कब्र से तुम्हारी  कौन प्रशंशा करेगा?
परमेश्वर का पुत्र लोगों को खोजने और बचाने  के लिए आया
बैनी हिन् उद्धार को हमेशा सबसे महान चमत्कार कहता है
चलो हम अपने दिलों में स्वर्ग की धड़कन के लिए हलचल कर दें
स्वर्ग के दिल की धड़कन क्या हो सकती है?
यह है आत्माएं-आत्माएं और आत्माएं
पढ़ें मत्ती 24:36-41
उस दिन या उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता  - न तो स्वर्गदूत और न ही पुत्र, परन्तु केवल पिता | मनुष्य के पुत्र ( यीशु  ) का आना ठीक नूह के दिनों के सामान होगा | क्योंकि जलप्रलय के पूर्व के दिनों में जिस प्रकार नूह के जहाज़ में प्रवेश करने के दिन तक लोग खाते-पीते रहें, और उनमें विवाह शादियाँ हुआ करती थीं और जब तक प्रलय उनको बहा न ले गया, वें इसे समझ न सके, उसी प्रकार मनुष्य के पुत्र (यीशु ) का भी आना होगा | उस समय दो मनुष्य खेत में होंगे, एक ले लिया जाएगा और दूसरा छोड़ दिया जाएगा | दो स्त्रियाँ चक्की पीसती होंगी; एक ले ली जायेगी और दूसरी छोड़ दी जायेगी |
ऐसा नूह के समय में हुआ और यह फिर होगा
तुम्हें कैसा लगेगा अगर तुम्हारे मित्र और रिश्तेदार पीछे छूट जाएँ
वह तुम्हारा बहतु अच्छा मित्र जिसने तुम्हारी बहुत मदद की, पीछे छूट गया
यीशु इस ही कारण से आया और उसके शिष्य भी उद्धार की बाते कर रहें थे
क्या तुम उसके चेले हो?
तुम क्या बातें कर रहें हो?
पढ़ें लुका  13:23-25, 28
तब किसी ने उससे कहा, "हे प्रभु, क्या उद्धार पाने वाले थोड़े ही हैं?" उसने उनसे कहा, "सकरे द्वार से  भीतर जाने का यत्न करो, क्योंकि मैं तुमसे कहता हूँ कि बहुत से हैं जो प्रवेश करने का यत्न तो करेंगे पर सफल न होंगें | एक बार जब गृह-स्वामी उठकर द्वार बंद कर देता है और तुम बाहर खड़े हुए द्वार खटखटा कर कहते हो, "हे स्वामी हमारे लिए खोल दे! तब वह तुमसे कहेगा, "मैं नहीं जानता तुम कहाँ से आये हो" |
जब तुम इब्राहिम, इसहाक, याकूब और सब नबियों को तो परमेश्वर के राज्य में, पर अपने आपको बाहर निकाले हुए देखोगे, तो वहां (नरक में) रोना और दांत पीसना होगा |
तुम अपने मित्रों को कहाँ देखना पसंद करोगे?
पिछले हफ्ते जब अरुण अपने परिवार के उद्धार के लिए प्रार्थना कर रहें थे, उन्होंने वास्तव में अपनी उन चाचियों को जो पिछले साल गुजर गई, जमीन पर खींचे जाते देखा और खून की धारियों के निशाँ बनते देखा और उनके शरीर के  मॉस को जलते हुए और तीव्र पीड़ा में देखा | इससे उनका हृदय दुखी हो गया और वह परमेश्वर के आगे रो पड़े |
यीशु अपने पिता के अति गंभीर काम के लिए आया और उसने उसे पूरा कर दिया
चलो हम पढ़तें है और पिता के दिल को जानते है
ydk 16:22-31
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इसका मतलब है नरक में अवर्णीय तकलीफ है इसी कारण धनी व्यक्ति ने अपने परिवार के लोगों के पास उद्धार का सन्देश पहुचाने के लिए इच्छा ज़ाहिर की मैं तुम्हे एक बात बताती हूँ 
कोई भी मृत व्यक्ति बताने नहीं आएगा, कल मेरा भाई मर गया, अब उसे यह सत्य पता है लेकिन वह अपने परिवार के पास आकर ये सत्य नहीं बतायेगा , यह मैं या जो व्यक्ति जो जीवित है बताएगा.
यह मैं या तुम हो जो बताएगा | 
हम सत्य जानते हैं 
उद्धार जीवन का सन्देश है और जीवित लोगों के द्वारा बताया जाएगा 
उद्धार एक आत्मा है तुम्हे अपने प्रिय जनों के ऊपर लगातार छोड़नी चाहिए 
पढ़े अयूब 22:28
tks ckr rw Bkus og rq> ls cu Hkh iM+sxh] vkSj rsjs ekxksZa ij izdk'k jgsxkA




;gks'kw 1:5
rsjs thou Hkj dksbZ rsjs lkEgus Bgj u ldsxk( tSls eSa ewlk ds lax jgk oSls gh rsjs lax Hkh jgwaxk( vkSj u rks eSa rq>s /kks[kk nwaxk] vkSj u rq> dks NksMwaxkA




izsfjrksa ds dke 16:31
mUgksa us dgk] izHkq ;h'kq elhg ij fo'okl dj] rks rw vkSj rsjk ?kjkuk m)kj ik,xkA
आज परमेश्वर धार्मिकता की बारिश करने जारहा है और तुम्हे आत्माओं के बोझे से भर देगा 
;'kk;kg 45:8
gs vkdk'k] Åij ls /keZ cjlk] vkdk'ke.My ls /keZ dh o"kkZ gks( i`Foh [kqys fd m)kj mRié gks( vkSj /keZ Hkh mlds lax mxk,( eSa ;gksok gh us mls mRié fd;k gSAA
परमेश्वर ने तुमसे एक महान वायदा किया है इसलिए उसके वायदे पे खड़े हो और अपने परिवार, पड़ोसियों, शहर  
और देश के उद्धार के लिए प्रार्थना करो 
mRifÙk 1:2-3
vkSj i`Foh csMkSy vkSj lqulku iM+h Fkh( vkSj xgjs ty ds Åij vfU/k;kjk Fkk% rFkk ijes'oj dk vkRek ty ds Åij eaMykrk FkkA rc ijes'oj us dgk] mft;kyk gks% rks mft;kyk gks x;kA
आज फिर हमारे पृथ्वी अन्धकार से ढकी है 
और परमेश्वर का आत्मा पृथ्वी के ऊपर( हमारी मिट्टी की काया के ऊपर ) मंडरा रहा है 
परमेश्वर को लोगों के जीवन में ज्योति वचन बोलने के लिए मेरी और तुम्हारी ज़रुरत है 
अपने प्रिय जनों के जीवन में बोलो - बच गए, धर्मी, यीशु के विश्वासी, स्वर्गीय नागरिक, परमेश्वर की संतान, पवित्र आत्मा से भरपूर, आशीषित, समृद्धिशाली, सफल, विजयी, स्वस्थ, पूर्ण, शक्तिशाली, प्रतिभावान, कलात्मक, बुद्धिमान इत्यादि इत्यादि |
बोलो, जो परमेश्वर का वचन तुम्हारे बारे में और तुम्हारे परिवार के बारे में कहता है ताकि तुम अपने भाग्य की और आगे चल सको जो उसने तुम्हारे और तुम्हारे प्रिय जनों के लिए तैयार कर रक्खा है |
एक बार फिर मैं तुमसे एक प्रश्न पूछती हूँ - तुम्हारे प्रिय जनों का भाग्य कहाँ है?
बोलो स्वर्ग में 
आशीषित हो और अपने स्थान पर खड़े हो और घोषणा करो, अपने परिवार, पड़ोसी, शहर और देश को हमारे प्रभु यीशु के लिए जीत लो 
प्रार्थना करो  और विश्व को आत्मा के बल से यीशु के लिए ले लो 


Where is your destiny?

Have you ever prayed for a dying person or a person who is in coma?
If you pray for someone like this, you usually find a deep desire in you for that person to be healed.
I personally have prayed for 5 people only with this kind of situation. I would like to share with you about them and ask Holy Spirit to allow you to understand the cry of our Heavenly Father.
1. The first one I prayed for was in a coma for a month and his wife came to us with a faith. God spoke to Arun in three days time he will be ok. After three days he was out of ICU, and it took him hardly a month to recover fully.
2. The day we went to pray for that man, next to his bed, was a 7-8 year old boy who had also been in a coma for more than a week, when we finished the prayer and were about to leave, God speaks to me to pray for that child as well, so by faith we prayed for that child and God said again that in three days he would recover also.
Do you want to know why God spoke to us to pray for that child, because his mother (a non believer) was watching us and desiring for a prayer.
Say - God is good
As a result of our prayers that child was also healed.
3. The third one was a teenager, we went to pray for him, his sister was the only one saved in that family, and didn’t want her brother to go to hell. So we went and prayed, but we found her parents were still continuing with their charms etc. The same night her brother died, and doctors removed him from the ventilator, she immediately calls us to pray for him, as we were praying the doctor on duty came for a round and touched his body and found it warm, but unfortunately he died later that evening.
4. A cancer patient was brought in our church, she began to experience peace, her body was making progress so her whole family put trust in the Lord. One day she experienced a very bad burning sensation in her body. I talked to her on phone, she confessed Jesus once again. I felt peace in my heart and she felt rest, and after few hours I heard she had passed away. Her family became angry with Jesus and they closed the doors for Jesus.
5. The fifth one is my own brother, my sister called and asked me to pray for him, my brother was in the hospital for last seven days his family was seeking help through witchcraft but not remembering Jesus. We prayed but after few hours later he died. My brother was born again.
What am I really trying to tell you people today?
Through these stories we see faith working at some place or the unbelief
In psalms 6:5 David says, who praises you from the grave?
The reason the Son of God came was to seek and save the Lost.
Benny Hinn always calls salvation as the greatest miracle
Let us stir our hearts today for the heart beat of heaven
What can be the heart beat of heaven?
It is soul-soul and soul
Read Matthew 24:36-41
No one knows about that day or hour, not even the angels in heaven, nor the Son, but only the Father. As it was in the days of Noah, so it will be at the coming of the Son of Man. For in the days before the flood, people were eating and drinking, marrying and giving in marriage, up to the day Noah entered the ark; and they knew nothing about what would happen until the flood came and took them all away. That is how it will be at the coming of the Son of Man. Two men will be in the field; one will be taken and the other left. Two women will be grinding with a hand mill; one will be taken and the other left.
It happened in Noah’s time it will happen again
How would you feel if your friends and relatives are left behind
That very good friend of yours who helped you a lot, is left behind
Jesus came for this reason only and his disciples were talking salvation,
Are you his disciple?
What are you talking?
Read Luke 13:23-25, 28
Someone asked him, "Lord, are only a few people going to be saved? He said to them, Make every effort to enter through the narrow door, because many, I tell you, will try to enter and will not be able to. Once the owner of the house gets up and closes the door, you will stand outside knocking and pleading, 'Sir, open the door for us.' But he will answer, 'I don't know you or where you come from.'
There will be weeping there, and gnashing of teeth, when you see Abraham, Isaac and Jacob and all the prophets in the kingdom of God, but you yourselves thrown out.
Where do you want to see your friends?
Last week when Arun was praying for the salvation of his family, he literally saw his aunts who died last year being pulled and the blood leaving marks on the floor and he saw their flesh being burnt and body in great pain. It made him cry before the Lord
Jesus came for a serious business of His father and he accomplished that
We are going to read and know the heart of our father
Luke 16:22-31
"The time came when the beggar died and the angels carried him to Abraham's side. The rich man also died and was buried. In hell, where he was in torment, he looked up and saw Abraham far away, with Lazarus by his side. So he called to him, "Father Abraham have pity on me and send Lazarus to dip the tip of his finger in water and cool my tongue, because I am in agony in this fire." But Abraham replied, "Son remember in your lifetime you received your good things, while Lazarus received bad things, but now he is comforted here and you are in agony.
And besides all this, between us and you a great chasm has been fixed, so that those who want to go from here to you cannot, nor can anyone cross over from there to us.' He answered, 'Then I beg you, father, send Lazarus to my father's house, for I have five brothers. Let him warn them, so that they will not also come to this place of torment.'Abraham replied, "They have moses and the prophets; let them listen to them." 'No, father Abraham,' he said, 'but if someone from the dead goes to them, they will repent.' He said to him, 'If they do not listen to Moses and the Prophets, they will not be convinced even if someone rises from the dead.'
It means the pain in hell is indescribable that is why rich man desired the salvation message to reach to his family
Let me tell you –
No dead man is going to speak
My brother died yesterday, now he knows the truth but he is not going to come and tell the family members the truth
It has to be me, a person who is living not dead
It has to be you and me
We know the truth
Salvation is a message of life and it must be spoken by living people
Salvation is a spirit you have to release upon your loved ones on regular basis
Read Job 22:28
What you decide on will be done and light will shine on your ways.
Joshua 1:5
No one will be able to stand against you as I was with Moses I am with you, I will never leave you nor forsake you
Acts 16:31
Believe in the Lord Jesus you will be saved you and your house hold
Today God is going to rain righteousness and fill you with burden for souls
Isaiah 45:8
You heavens above, rain down righteousness, let the clouds shower it down,
Let the earth open wide, let salvation spring up, let the righteousness grow with it I the Lord has created it.
God has already given you a great promise stand on his word cry for the salvation of your family and friends, city and nation

Read Genesis 1: 2-3
Now the earth was formless and empty, darkness was over the surface of the deep, and the Spirit of God was hovering over the waters. And God said, "Let there be light," and there was light

Today again our earth is covered with the darkness
And God’s spirit is hovering upon the earth ( upon the body )

God needs you and me to speak the 'light' words in people’s life

Speak in your loved ones life - saved, righteous, believer of Christ, heavenly citizen, child of God, filled with holy spirit, blessed, prosperous, successful, victorious, healthy, whole, strong, talented, creative, wise etc. etc.
Declare what God's Word says about you and your house holds so that you can move forward in the destiny , he has prepared for you and your loved ones!
Once again I ask you a question – where is your loved ones destiny?
SAY IN HEAVEN
Be Blessed stand on your feet, declare and win your family, neighbours, city and nation for our Lord Jesus Christ
Pray and take the world by force for Jesus

5 comments:

  1. प्रार्थना की इस शक्ति का अभिवादन!

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  2. prayer generates healing vibrations, i have experienced them.

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  3. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,
    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,
    कलम के पुजारी अगर सो गये तो
    ये धन के पुजारी
    वतन बेंच देगें।
    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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