Saturday, April 10, 2010

Sunday Message - A Message On Deliverance/ छुटकारे का सन्देश


प्रतियोगिता सफलता नहीं है
जहाँ सफलता जीत के विचार के बिना आगे की ओर ले जाने वाला एक आंतरिक संतोष है वहीँ प्रतियोगिता एक प्रयास है जिसमें बाकियों को पीछे छोड़कर आगे बढना है|
बहुत बार हम अपने पारिवारिक जीवन में स्कूली जीवन में और नौकरी इत्यादि जगहों पर संघर्ष का सामना करतें हैं, जहाँ हम ऐसे लोगों का सामना करतें है जो हमारी प्रगति या हमारे मार्ग में रोड़ा अटकाने के उद्देश्य को अपने अन्दर छुपाये होते है | इस तरह के लोगों को हम ईर्ष्यालु प्रवर्ती का कह सकते है | इस तरह के लोग हमें आगे बढता नहीं देख सकते हैं | 
क्या आपके इर्द-गिर्द इस तरह के ईर्ष्यालु व्यक्ति है ?
मैं आज तुमसे कुछ ऐसे ही विषय का जिक्र करने जा रही हूँ, ईर्ष्या वश लोग दुष्टता कर जातें है और दूसरों को परेशानी में डाल देते हैं
स्मरण योग्य  बातें -
* परमेश्वर ने हमें अपने शास्त्र दिए हैं
पढ़ें इफिसियों   6:12-17
हमारा संघर्ष मांस और लहू से नहीं वरन प्रधानो, अधिकारिओं, अन्धकार की संस्कारिक शक्तियों तथा दुष्टता की आत्मिक सेनाओ से है जो आकाश मैं है, इसलिए परमेश्वर के समस्त अस्त्र शास्त्र धारण करो जिससे तुम बुरे दिन मैं सामना कर सको और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको, अतः सत्य से अपनी कमर कसकर और धार्मिकता की झिलम पहनकर तथा पैरों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहनकर स्थिर रहो इनके अतरिक्त, विश्वास की ढाल लिए रहो जिससे तुम उस दुष्ट के समस्त अग्नि बाणों को बुझा सको और उद्धार का तोप तथा आत्मा की तलवार, जो परमेश्वर का वचन है ले लो|
यह तो स्पष्ट है कि हमारा परमेश्वर हमारे युद्ध के बारे में जानता है और उसने हमे पहले से ही विजय दे दी है|
पढ़ें  2 इतिहास 20:15,17
और उसने कहा "हे यहूदा और येरुशलम के समस्त निवासियों और हे राजा यहोशापत , सुनो! यहोवा तुमसे यों कहता है : तुम इस बड़ी भीड़ के कारण मत रो और तुम्हारा मन कच्चा ना हो क्योंकि  युद्ध तुम्हारा नहीं परमेश्वर का है| यहाँ तुम्हे लड़ना ना होगा| हे यहूदा और हे यरूशलम ठहरे रहना और खड़े रहकर यहोवा की ओर से अपना चमत्कार देखना| मत रो, और तुम्हारा मन कच्चा ना हो| कल उनका सामना करने को जाना क्योंकि यहोवा तुम्हारे साथ रहेगा|
मार्च का महिना  हमारे परिवार के लिए ख़ास तौर से मेरे लिए बिलकुल आसान ना था तुम सब जानते हो --
1. मेरे बड़े भाई और मेरी सबसे छोटी भाभी की हिंदुस्तान मैं मृत्यु हो जाना| मैं भीतर तक हिल गई  परन्तु हम जा ना सके |
2. मेरे बेटे की पढाई का बोझ 
3. मेरे कार्य स्थल केपंजीकरण में कठिनाई
4. मेरे बेटे के कमरे मैं से उसके गिटार पेडल की चोरी
5. हिंदुस्तान मैं हमारी कलीसिया के सदस्यों पर आक्रमण
6. और उनके साथ मेरे हाथ और पैर पर अचानक फंगस और एलर्जी  का होना
स्मरण योग्य  बातें -
* हमे मसीह मैं द्रढता के साथ विश्वास पूर्वक खड़े रहने के लिए बुलाया गया है पढ़ें 1 पतरस 5:8-9
संयमी और सचेत रहो तुम्हारा शत्रु शैतान गरजने वाले सिंह की तरह इस ताक में रहता है कि किसको फाड़ खाए| विश्वास मैं दृढ रहकर उसका विरोध करो और यह जान लो कि तुम्हारे भाई जो संसार मैं हैं इसी प्रकार की यातना सह रहें हैं|
शत्रु के लिए यह अति उतम समय था जब उसने मुझे इस तरह बुझा हुए पाया| एक दिन जब मैं स्कूल से वापस आयी अचानक मेरे बाएँ पैर में खुजली होने लगी| मैंने उसको बुरी तरह खुजलाया जिससे खून बहाने लगा मैं तुरंत समझ गई यह स्थिति सामान्य नहीं है, मैंने तुरंत अपने पति को फोन किया और उनसे प्रार्थना करने को कहा जब वह प्रार्थना कर रहे थे परमेश्वर ने उन्हें कुछ लोग दिखाए जो मुझ पर तंत्र मन्त्र कर रहें थे| प्रार्थना के एक घंटे बाद खुजली बंद हो गयी लेकिन मेरी हालत बुरी हो चुकी थी|
मैं अपनी कहानी यहीं पर रोक रही हूँ क्यों कि हम सब जानते है कि हमारा परमेश्वर अतिअच्छा है| वह छूटकारा दिलाने वाला है, बचाने वाला है, और चंगा करने वाला है उसने मुझे भी चंगा करदिया|
इस तंत्र मन्त्र वाले आक्रमण का सामना करने के लिए और उससे छुटकारा पाने के लिए मैंने कौन सा अच्छा युद्ध लड़ा मैं तुम्हे बताना चाहूंगी| ताकि जब कभी भी आप किसी को ऐसी अवस्था में पाओ उसकी मदद कर सको
स्मरण योग्य  बातें -
* इस तरह का आक्रमण या हमला आत्मिक दुष्ट आत्माओं के कारण होता है इसका मतलब है कि कोई तुम्हे देखकर खुश नहीं है या तुम्हे आगे बढ़ते देखना नहीं चाहता है
*जब भी कभी परमेश्वर बड़ा द्वार खोलना चाहता है तभी आत्मिक जगत मैं धूर्तता बढ जाती है, जिससे कि हम परमेश्वर पर विश्वास छोड़ दें
* शत्रु चाहता है कि हम परमेश्वर की उलहाना करें (  बाद में पढ़ें अय्यूब )
इसलिए आवश्यकता है कि हम हिले नहीं बल्कि जमे रहे परमेश्वर ने यहोशू के लिए सूरज नहीं डूबने दिया था इसलिए अपने दिल को मजबूत बनाये रखो और मसीह मैं भरोसा करो|
वचन कहता है यीशु जो कल था आज है और हमेशा रहेगा 
क्या तुम लोग जानना चाहोगे की शत्रु मुझ पर इतना क्रोधित क्यों था?
क्योंकि परमेश्वर एक बड़ा द्वार खोल रहें थे,
द्वार नंबर 1 - यह मेरे बेटे की विश्वविधालय की चार साल की पढाई की स्कॉलरशिप का द्वार था| चुने हुए 25 में  से वो एक है
द्वार नंबर 2-  मेरे स्कूल के बोर्ड परीक्षा का समाधान था
द्वार नंबर 3- उद्धार का सन्देश मेरे घर तक एक बार फिर से पहुंचना और मेरे सबसे छोटे भतीजे का यीशु को स्वीकार करना
द्वार नंबर 4 - इंडिया में हमारी सेवकाई में सदस्यों का एकजुट होना
मै विश्वास करती हूँ कि परमेश्वर और भी द्वार खोलने जा रहा है | 
अब मैं उन प्रार्थना के बारे मैं बताने वाली हूँ जिससे मुझे युद्ध को जीतने मैं और शान्ति बनाए रखने मैं मदद् मिली | उस वक्त इन प्रार्थनाओं के जरिये मै हाथ और पैर की तकलीफ से छूटकारा पाई लेकिन अब मै इन्ही प्रार्थनाओं के जरिये किसी की मदद भी कर सकती हूँ
अच्छा हो की आप इन प्रार्थनाओं को साथ साथ दोहराते जाए
प्रार्थना
स्मरण योग्य  बातें -
* आराधना स्तुति अवश्य करे
* प्रभु यीशु के लहू में छूटकारा है
हमने प्रभु यीशु के लहू के गीत गाये जिनसे शैतान डरता है
यीशु ही के नाम में....
लहू में तेरे गज़ब की शक्ति है .....
प्रभु यीशु का लहू .....
* पिता यीशु के नाम पर मैं आपसे माफ़ी मांगता हूँ एक बार फिर मुझे अपने लहू से धो डालो

  मैं परमेश्वर की संतान हूँ और यशायाह 54:17 के अनुसार मेरे विरोध मैं उठा हुआ कोई भी शास्त्र सफल ना होगा
अन्धकार की दुनिया के तीरों को जो मेरे विरोध में भेजे गये हैं उन्हें मैं यीशु के नाम पर वापस तुम्हारे भेजने वाले के पास भेजता हूँ|
* भजन संहिता के 140:7 के अनुसार परमेश्वर मेरी ताकत है और उसने मेरे सिर को ढका हुआ है |
* प्रभु यीशु के नाम पर मैं प्रधानो अधिकारों, अन्धकार की ताकतों को और दुष्टता की उन आत्मिक सेनाओं को जो आकाश मैं है, मुझ पर या मेरे परिवार पर  हमला करने की कोशिश करती है उन्हें मैं बांधता हूँ और उन शक्तियों को रोक देता हूँ|
* पिता प्रभु  यीशु के नाम पर मैं तंत्र-मन्त्र, श्रापों, जादू-टोना और अंधकार की ताकतों को प्रभु यीशु के लहू के द्वारा इन सभी को नष्ट करता हूँ|
* प्रभु यीशु के लहू द्वारा मैं उन दुष्ट आत्माओं उनकी सहायकों और उनकी ढालों को ध्वस्त करता हूँ और उन दुष्टों को सामर्थ रहित कर देता हूँ
* प्रभु यीशु के लहू द्वारा मैं ऐसे लोगों की तमाम शक्तियों को मुहर बंद कर देता हूँ ताकि वे उन्हें किसी पर भी प्रयोग में ना ला सकें , और होने पाए कि वे प्रभु यीशु को जाने और उसे अपना कर दुष्टता के कामों को छोड़ दें
* अन्य भाषा में प्रार्थना करें
* प्रभु यीशु के लहू द्वारा मैं शत्रु के कैंप में खलल कर देता  हूँ और जो भी उसकी योजना मेरे या मेरे परिवार के लिए है उसे पूरी तरह से ध्वस्त करता हूँ
* प्रभु यीशु के लहू द्वारा मैं उन दुष्ट ताकतों को जो किसी भी तरह हमारे शरीर के अंगों या तंत्र को प्रभावित करके बीमार करने कि कोशिश करतें है ध्वस्त करता  हूँ
* प्रभु यीशु के लहू द्वारा मैं मत्ती 18:18  के अनुसार यीशु के नाम पर बोले हुए श्रापों , विभिन्न अनुष्ठानो, काली विद्ध्या, तंत्र-मन्त्र, जादू-टोना और योग विद्ध्या की ताकतों को बाँध कर तोड़ता हूँ
* प्रभु यीशु के नाम पर यशायाह 11:2 के अनुसार मैं यहोवा का  आत्मा, बुद्धि का आत्मा, समझ का आत्मा, युक्ति और पराक्रम का  आत्मा, ज्ञान और यहोवा के भय का आत्मा साथ ही उसकी दया, कृपा, और महिमा का आत्मा अपने स्वयं पर और अपने परिवार  पर छोड़ता हूँ
* मैं धन्यवाद करता हूँ कि यशायाह 54:17, इफिसियों 1:22, और 1 युहन्ना 4:4 के अनुसार शत्रु के द्वारा बनाया गया कोई भी शास्त्र सफल ना होगा क्योंकि मैं प्रभु यीशु के लहू से ढका हूँ, और पिता तुमने सभी कुछ उसके पैरो तले कर दिया है, चूँकि मसीह मुझमें निवास करता है हम यह ऊँचे स्वर में बोलते है कि महान वह है जो हमारे भीतर है ना कि वह जो दुनिया में है
कुछ महत्वपूर्ण स्मरण करने योग्य बातें
* 1 युहन्ना 1:7 के अनुसार प्रभु यीशु का लहू हमारे सभी पापों को धो देता है और हमें क्षमा कर देता है ( पाप की ओर से मन फेर लो )
* व्यवस्थाविवरण 28:6 के अनुसार जब मैं कहीं जाऊं आशीषित हूँ और जब मैं घर वापस लौटूं आशीषित हूँ , इसलिए मैं प्रभु यीशु के नाम पर जहाँ जा रहा हूँ उस स्थान को प्रभु यीशु के लहू से ढकता हूँ और दुष्ट की सभी योजनाओं को रद्द करता हूँ| मैं दुष्ट आत्माओं को बांधता  हूँ और स्वर्गदूतों को मेरी सुरक्षा के लिय छोड़ता हूँ | साथ ही जब मैं वापस लौटूं दुष्ट की कोई भी योजना मेरा पीछा ना करे
* व्यवस्थाविवरण 9:3 और लुका 10:19 के अनुसार मैं जानता हूँ कि परमेश्वर ने मेरे विरोधी को हरा दिया है और मुझे सामर्थ दी है कि मैं साँपों और बिच्छुओं को कुचल सकूं | इसलिए मैं उन्हें और उनके हमलों को कुचलता हूँ और इस तंत्र-मन्त्र को सात गुना वापस भेजता हूँ और इसे यीशु के लहू द्वारा उन पर बाँध देता हूँ, साथ ही किसी भी तरह की कोई डोर अगर मुझ तक या मेरे परिवार से जुड़ रही हो उसे काट कर जला देता हूँ प्रभु यीशु के नाम पर
2 तीमुथियुस 4:7 के अनुसार मैंने विश्वास का एक अच्छा युद्ध लड़ा
बोले-
पिता मैं आपको धन्यवाद देता हूँ कि आपकी पवित्र आत्मा ने मेरे भीतर अन्धकार की ताकतों और उनके कामों को जला दिया है
पिता मैं आपको धन्यवाद देता हूँ कि आपने मुझे पवित्र आत्मा से भर दिया है
पिता मैं आपको धन्यवाद देता हूँ कि आपने मुझे शान्ति और आनंद दिया है
मैं आपकी प्रशंशा और स्तुति करता हूँ
* अन्य भाषा में प्रार्थना करें
स्मरण करने योग्य बातें
मेरे पति ने भी मेरे लिए प्रार्थना की,
क्या घर के मुखिया होने के नाते आप अपने बच्चों व पत्नी के लिए प्रार्थना करते हैं कि नहीं?
लेकिन आज के बाद अवश्य ही करें
अरुण जी ने निर्गमन 12:3 और 13 के अनुसार प्रार्थना की कि परमेश्वर का मेमना मेरे और मेरे परिवार के लिए त्याग बलि चढ़ चुका है इसलिए मैं किसी भी विनाश के तीरों को मेरी पत्नी को छूने की अनुमति ना दूंगा
क्या आप जानना चाहेंगे कि इन लगातार प्रार्थनाओं का परिणाम क्या हुआ?
एक शाम जब प्रार्थना के बाद हम  फाटक बंद करने के लिए बाहर आये तो पाया दो चिड़ियाँ जो कि भिन्न थीं मरी हुई पड़ी थीं, उसी रात अचानक मेरा घाव सूख गया और मैं चंगी हो गई
मेरी प्रार्थना तुम सबके लिए
पिता मैं आपसे यीशु के नाम पर प्रार्थना करती हूँ कि आप इन सभी को मन की आँखें दे ताकि ये आत्मिक जगत में देख सकें और स्थिति को परख सकें| साथ ही मैं इन सबको आपके लहू से ढकती हूँ और इनके विरोध में उठा हर शास्त्र असफल करती हूँ | इनके या इनके परिवार के लिए की गई  दुष्ट की हर चाल को मैं रद्द करती हूँ और आपके छुटकारे की आत्मा को छोड़ती हूँ
जिस किसी को भी जोड़ो का दर्द है चंगाई स्वीकार करो
अमीन


A Message on Deliverance
Competition is not the same as success.

Whereas success gives an inner satisfaction of going to another level without thinking of winning the race but competition is an effort done in order to achieve something more great and leaving others behind you.

Many times we do struggle in our family lives, school lives, in our work places, where you can find people with hidden motives to hinder your progress. These types of people are known as jealous people

Do you have people around you who are jealous of you?
Yes!
Have you ever gone through this kind of circumstance?

I have one to share with you.

Point to remember-
·         We have been given the aromour of God.

Read Ephesians 6:12-17
For our struggle is not against flesh and blood, but against the rulers, against the authorities, against the powers of this dark world and against the spiritual forces of evil in the heavenly realms. Therefore put on the full armor of God, so that when the day of evil comes, you may be able to stand your ground, and after you have done everything, to stand. Stand firm then, with the belt of truth buckled around your waist, with the breastplate of righteousness in place, and with your feet fitted with the readiness that comes from the gospel of peace. In addition to all this, take up the shield of faith, with which you can extinguish all the flaming arrows of the evil one. Take the helmet of salvation and the sword of the Spirit, which is the word of God. 

It is obvious that our God knows about the battles we face and He has already given us the victory.
Read
2 Chronicles 20:15 and 17
"Listen, King Jehoshaphat and all who live in Judah and Jerusalem! This is what the LORD says to you: 'Do not be afraid or discouraged because of this vast army. For the battle is not yours, but God's.You will not have to fight this battle. Take up your positions; stand firm and see the deliverance the LORD will give you, O Judah and Jerusalem. Do not be afraid; do not be discouraged. Go out to face them tomorrow, and the LORD will be with you.' "

The month of March was not at all was easy for our family and especially for me. You all know-

·         My elder brother and younger sister in-law died in India. I was badly shaken but was unable to travel to India,

·         Burden of our son’s education,

·         Registration problem in my working place,

·         Break-in in our son’s room and stealing his guitar pedal

·         Attack of enemy on our ministry in India and

·         On top of it a sudden fungal infection in my foot and hands.

Point to remember-
·         We have been called to stand firm in the faith

Read
1 Peter 5:8-9 
Be self-controlled and alert. Your enemy the devil prowls around like a roaring lion looking for someone to devour. Resist him, standing firm in the faith, because you know that your brothers throughout the world are undergoing the same kind of sufferings

For the enemy this was the perfect time when he found me low hearted.

One day when I came back from the school, all of a sudden I felt severe unstoppable itching in my left foot. I simply scratched it, but soon I knew it was not normal because I saw my foot was bleeding as a result of the scratching. I immediately called my husband and asked him to pray for me. I told him to just pray and not ask any questions. When he prayed, God showed him people doing some sort of witchcraft over me. He prayed, after one hour the itching stopped but by that time my condition was already bad.

I’m stopping my story here only because we all know that-

Our God is awesome God

He is our deliverer

He is our redeemer and

Our healer and yes, he has healed me also.

But in this process of getting delievered from witchcraft I had to fight a good fight and I learnt many things that I would like to share with you.

Point to remember-

·         Whenever we have an attack of this kind we must know that this is happening because of the resistance in the heavenlies. It means someone does not want to see you progress or someone doesn’t want to see you progressing.

·         Before we get a breakthrough there is always toughness in the heavenlies. This will make us loose our peace/trust in God.

·         Enemy always wants us to accuse God (read Job in your own time)

·         Enemy is afraid of the blood of Jesus.

To begin the prayer for the deliverance make sure you worship Him and sing Blood of Jesus songs e.g Oh the Blood of Jesus, There is Power Power Wonder working…, In the name of Jesus

But there is a demand that you stay still and do not be shaken!

Remember God gave favor to Joshua and the sun stood still.

Do not loose your heart; your hope is in Christ. Scripture says ‘He is the same yesterday, today and forever.’

He did it in the past for others and he will do for you and me.

Do you people want to know why the enemy so cross with me was?

There was a breakthrough on our way;

It was our son’s scholarship. Our son was one of the 25 students who won the scholarship Competition! Isn’t our God good! He gave us an immense financial break through.

It was the solution to my school’s students board examination

It was gospel heard by my family once again and my youngest nephew received Christ.

It was unity and understanding raised to higher level in our ministry in India

And I believe many more things are on our way.

Now I am going to give you certain prayers which helped me and I believe will help you to fight a good fight and not to loose your heart. 

Point to remember-

·         Sudden eruption of any type of sickness indicates it is an attack

Pray

·         Father in Jesus’ name I ask for your forgiveness, once again wash me cleansed me with the precious blood of Jesus. I declare I am a child of God and as per Isaiah 54:17 no weapon formed against me shall prosper, and every tongue which rises against me in judgment I shall condemn. This is my heritage as a servant of the LORD, and my righteousness is from Him,"

·         The Arrows of darkness assigned against me, go back to your sender in the name of Jesus’ name.

           
             ·         As per Psalm 140:7, Lord you are the strength of my salvation, and You have covered my head in the day of battle.

            ·         In the name of Jesus Christ, my Lord and Savior, I bind all principalities, powers of the air, wickedness in high places, thrones, dominions, world rulers, and strong men exercising influence over me, my family, work place and finances I forbid them to operate against us.
·         Father God, in the name of Jesus Christ, we bind and break all witchcraft, curses, spells, and powers - and through the Blood of the Lamb - destroy the works of every witch, warlock, wizard, sorcerer and all other powers of darkness
·         Through the Blood of Jesus Christ we also bind up and destroy all their spirit-guides, helps, and shields of these workers of evil, and leave them without any strength - stripped of their evil power and influence/
·         In the name of Jesus Christ, and by the Blood of the Lamb, I now seal up their powers within themselves, so that they cannot use them on anyone, and that their works might be destroyed, in the hope that their souls might be saved for the glory of God. AMEN.
             ·          (pray in  tongue)
             ·         In the name of Jesus,  I speak confusion to the ranks of the enemy, and declare their assignments against me and my family are hereby rendered null and void.
            
              ·         In the name of Jesus, I bind and break all evil on the systems of the body

              ·         As per Matthew 18:18, In Jesus name I bind and break the power of all curses spoken, all rituals or sacrifices, all divination, spells, incantations, meditations, and all sorcery or magic.

              ·
  • As per Isaiah 11:2, I release and call upon the Spirit of the Lord, the spirit of wisdom, understanding, counsel, might and the fear of the Lord, spirits of mercy, grace and peace upon me and my family

             ·         Thank you Father, that no weapon the enemy forms against us shall prosper, because we are covered by the blood of Jesus, and You have put all things under His Feet ( Isaiah 54:17, Ephesians 1:22). Because Christ dwells in us, we declare that greater is He that is in us than he that is in the world. (1 John 4:4)
Some important point to know and remember-
            ·         As per 1John 1:7, the blood of Jesus cleanses us from all sins and guilt, so we are forgiven ( don’t turn back to sin )
            ·         As per Deuteronomy 28:6, You will be blessed when you come in and blessed when you go out, so when you enter your office/school etc. pray this- In Jesus name, I cover myself and this place with the blood of Jesus. I bind up every evil spirit and plan of the devil and ask for powerful giant warrior angels to protect me. When you are leaving that place pray- In Jesus name I command every evil spirit or plan of the devil to leave me and not to follow me now.
            ·         In Jesus name, I cover myself, my vehicle, and road with the blood of Jesus. I bind and break every spirit of accident. I send the angelic force ahead of me to protect me.
           
Declare –

Thank you Father that your fire has burned up all darkness and the evil works in my spirit, soul and body
I thank you for filling me with your Holy Spirit
I thank you for giving me the spirit of joy and peace
I praise you and worship you
Pray in tongue
As per Deuteronomy 9:3 and Luke 10:19 – I know that my God has already destroyed my enemy and has given me the authority to trample on snakes and scorpions.
I return the evil assignment to the sender, sevenfold, and I bind it to them by the Blood of
Jesus, and I cut and burn their ungodly silver cord and lay lines, in JESUS' Name.
As per 2 Timothy 4:7
I have fought the good fight, I have finished the race, I have kept the faith.
Point to remember-
My husband also prayed for me- as per Exodus 12:3 and 13
Tell the whole community of Israel that on the tenth day of this month each man is to take a lamb for his family, one for each household.
The blood will be a sign for you on the houses where you are; and when I see the blood, I will pass over you. No destructive plague will touch you when I strike Egypt.
He prayed Lamb of God Jesus has been sacrificed for me and my family so I will not allow this assignment or sickness to touch my wife.
Do you want to know the end result of this attack?
As a result of our prayers, one evening when we finished our prayers, went out to lock our gate found 2 birds of strange kind lying dead and the wounds in my foot and hands healed the same night miraculously.
I have shared with you
And want to encourage you, do not loose heart, the Word of God is real it will show up as what it says.
My prayer for you all that God gives you inner sight, to see and discern the spiritual realm and  no weapon formed against you shall prosper. I break an nullify any kind of witchcraft or assignment done over you or your family. Receive your deliverance from the strong man this very moment. In Jesus Name!
Amen

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